सिद्धार्थ, दिसम्बर 20 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। लकवा के मामले बढ़ते देखे जा रहे हैं। ठंड के मौसम में सिर, कान खुला रखकर बाहर निकलने के लायक नहीं है इससे चेहरे की नसों के प्रतिकूल असर पड़ जाती है और लकवा की आशंका बढ़ जाती है। ये जानकारी माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुभाष यादव ने दी। संयुक्त जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुभाष यादव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लकवा के मामले का प्रभाव अधिक देखने को मिल रहा है। पिछले छह महीने में उनके पास करीब 30 से 40 पीड़ित मरीज इलाज के लिए आ चुके है। उनके अनुसार हेरपेस वायरस का संक्रमण गंदे पानी का सेवन और अधिक ठंड के कारण कान के पीछे के नसें या चोट लकवे के कारण है। इस बीमारी में चेहरे के हिस्से में लकवा मरीज को...