नई दिल्ली, जनवरी 6 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। देश में संचालित 19 एम्स में डॉक्टरों के करीब 39 फीसदी पद खाली हैं। इन्हें भरने के लिए सरकार ने साल में चार बार इंटरव्यू किए हैं लेकिन इसके बावजूद एम्स के लिए काबिल डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों का कहना है, उम्मीदवार तो बहुत आ रहे हैं लेकिन वे एम्स के भर्ती मापदंडों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। सरकार ने गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की नीति अपनाई है। शीर्ष सूत्रों ने कहा कि साल में मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में विभिन्न श्रेणी के प्रोफेसरों के लिए इंटरव्यू आयोजित किए जा रहे हैं। जबकि नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और ग्रुप बी और सी के स्टाफ की भर्ती साल में दो बार की जा रही है। सबसे ज्यादा कमी प्रोफेसरों की है। हाल में एक आरटीआई से खुलासा हुआ है कि सभी एम्स में फैकल्टी के...