नई दिल्ली, जनवरी 1 -- मुंबई। रुपया गुरुवार को 2026 के पहले कारोबारी सत्र में 10 पैसे टूटकर 89.98 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और घरेलू शेयर बाजारों में नकारात्मक रुख ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मिल रहे समर्थन को, अमेरिकी डॉलर सूचकांक में सकारात्मक रुख और विदेशी पूंजी की निकासी ने बेअसर कर दिया जिसके कारण रुपया सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। 2025 में इसमें पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...