लखीमपुरखीरी, नवम्बर 17 -- लखीमपुर, संवाददाता। समूहों के बीच से ही हर ब्लॉक में ही चार सीएलएफ (कलस्टर लेवल फेडरेशन) का गठन किया गया। कलस्टर का काम समूहों के कामकाज को आगे बढ़ाना है। सीएलएफ के पांच पदों पर जिन पदाधिकारियों का चयन होता है उनका कार्यकाल दो साल के लिए निर्धारित है, लेकिन जिले में सात से आठ साल तक पदाधिकारी पदों पर बने रहे। इससे इनकी मनमानी ऐसी बढ़ी कि समूहों का कामकाज तो प्रभावित हो ही रहा साथ ही शासन स्तर तक शिकायतें पहुंचने लगीं। इस पर शासन ने पदाधिकारियों को बदलने का निर्देश दिया। जिले में पदाधिकारियों के बदलने की कवायद शुरू हुई तो खलबली मच गई। हर ब्लॉक में चार सीएलएफ गठित किए गए हैं। सीएलएफ के पांच पदाधिकारी अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष आदि होते हैं। इनका काम स्वयं सहायता समूहों और ग्राम संगठनों को मार्गदर्शन, समर्...