सोनभद्र, फरवरी 22 -- अनपरा,संवाददाता। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीइएफ) ने छह लघु जल विद्युत परियोजनाओं को 42 वर्षों की लंबी अवधि के लिए निजी कंपनियों को लीज पर देने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है। फेडरेशन ने मुख्यमंत्री से राज्यहित व जनहित में तत्काल हस्तक्षेप कर इसके लिए निकाले गये टेंडर को निरस्त करने की मांग की है। फेडरेशन ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर निजीकरण को बढ़ावा देने और राज्य की सार्वजनिक संपत्तियों को औने-पौने दाम पर हस्तांतरित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने 18 फरवरी 2026 को एक टेंडर जारी कर छह लघु जल विद्युत परियोजनाओं को निजी कंपनियों को सौंपने का प्रस्ताव दिया है। टेंडर की शर्तों के अनुसार निजी कंपनियों को मात्र 1.5 कर...
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