नई दिल्ली, फरवरी 18 -- इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने सार्वजनिक हित से जुड़े लेखा-परीक्षण और लेखांकन अनियमितताओं के मामलों को त्वरित निपटाने के लिए विशेष समूह बनाने का निर्णय लिया है। संस्थान के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार डी ने बुधवार को एक प्रेसवार्ता में बताया कि करीब 10 महत्वपूर्ण मामलों में अगले दो महीनों के भीतर फैसला लेने का लक्ष्य रखा गया है। प्रसन्ना कुमार ने कहा कि देशभर में पांच लाख से अधिक सदस्य हैं, जो वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। साथ ही संस्थान ने आयकर अधिनियम, 2025 के मसौदा नियमों पर सुझाव देने के लिए एक विशेषज्ञ समूह भी गठित किया है। यह अधिनियम 1 अप्रैल से लागू होने वाला है और हितधारकों से प्राप्त टिप्पणियों के आधार पर अंतिम नियम अधिसूचित किए जाएं...
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