इटावा औरैया, फरवरी 3 -- जीवन को सार्थक बनाने हेतु मनुष्य को भगवत प्रेम की ओर उन्मुख होना चाहिए। ईश्वर की भक्ति परम कल्याणकारी है, इससे मन का भी शुद्धिकरण हो जाता है । उदी मोड़ चौराहा स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पं.राहुल त्रिपाठी रामी महाराज ने प्रेरणादाई सदविचार व्यक्त किये। उन्होंने शुकदेव आगमन, परीक्षित शुकदेव संवाद, वराह अवतार व विदुर मैत्रेय संवाद आदि का वर्णन करते हुए नैतिक मूल्यों को आधुनिक संदर्भ में सरल भाव से समझाया।
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