बलरामपुर, दिसम्बर 24 -- महराजगंज तराई,संवाददाता। पंचायतों में खुले में शौच मुक्ति के उद्देश्यों को लेकर लाखों रुपये खर्च का सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। केयरटेकर के जरिए संचालन की व्यवस्था की गई। हर माह मानदेय व देखभाल के नाम पर करीब नौ हजार रुपये प्रति शौचालय बजट खर्च हो रहा है,लेकिन धरातल पर 90 फीसद शौचालयों के लंबे समय से ताले ही नहीं खुले हैं। खुले में लोग शौच के लिए जाने को विवश हो रहे हैं। इससे जहां सरकार की मंशा को झटका लग रहा,वहीं भवन भी पूरी तरह से बदहाल होते जा रहे हैं। इसकी शिकायत ग्रामीण भी कर रहे हैं,लेकिन कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत प्रेमनगर खैरा बदरपुर समेत कई गांवों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। लेकिन शौचालय में ताला लटकने के कारण ग्रामीण खुले में शौच जाने को म...