गोरखपुर, जनवरी 5 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। बार-बार गले और गर्दन में दर्द होना, कान तक फैलना और निगलने में अगर कठिनाई हो रही है, तो इसे नजर अंदाज न करें। यह गंभीर बीमारी ईगल सिंड्रोम हो सकती है। इस सिंड्रोम की वजह से मरीज दिव्यांगता का शिकार भी हो सकते हैं। ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है। एम्स में ऐसे मरीज इलाज के लिए आ तो रहे हैं, लेकिन इनमें पांच से सात फीसदी मरीज ऐसे हैं, जिनके इलाज में देरी की वजह से सर्जरी तक करनी पड़ रही है। एम्स के विशेषज्ञों का मानना है कि इलाज में देरी की वजह से यह सामान्य दर्द ईगल सिंड्रोम का रूप ले लिया है। अगर सही समय पर मरीज इलाज के लिए आ जाते तो मरीजों को यह बीमारी नहीं होती और सर्जरी नहीं करनी पड़ती। नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋचा बताती हैं कि सिर या गर्दन में असामान्य संरचनाएं चेहरे या गले मे...