टोक्यो, अक्टूबर 22 -- साने ताकाइची (Sanae Takaichi) ने 21 अक्टूबर 2025 को जापान की संसद में हुए मतदान के जरिए देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला। यह एक ऐतिहासिक पल है, खासकर जापान जैसे देश के लिए, जहां लिंग समानता के सूचकांक में विकसित देशों में सबसे निचले स्तर पर होने के बावजूद किसी महिला का शीर्ष नेतृत्व पद हासिल करना बेहद असामान्य है। लेकिन सवाल उठता है कि क्या यह 'ग्लास क्लिफ इफेक्ट' (Glass Cliff Effect) का नतीजा है। यानी संकट के दौर में महिलाओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपना, जहां असफलता का खतरा कहीं ज्यादा होता है। या फिर जापानी राजनीति में एक नई क्रांति की शुरुआत? महिला प्रोफेसर ने ताकाइची को इसका उदाहरण बताया है कि संकट के वक्त महिला को नेतृत्व सौंप दिया जाता है, ऐसे में उनके सफल होने की गुंजाइश बहुत कम होती ह...
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