सासाराम, जुलाई 17 -- परसथुआ, एक संवाददाता। वर्तमान समय में मनुष्य साधना से दूर भागता जा रहा है। मानव जीवन दूसरे के कष्ट को दूर करने व परोपकार कर मानव जीवन को कष्ट मुक्त कर शांति स्थापित करने के लिए मिला है। ऐसे में सभी कष्टों की मुक्ति साधना से ही संभव है। आजकल मनुष्य बिना कुछ किये सब कुछ हासिल करना चाहता है, जो नामुमकिन है। उक्त बातें गुरूवार को राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में काशी से आए अलख निरंजन हरिनंदन राय ने कही।
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