कौशाम्बी, जनवरी 25 -- ट्रैक्टर में दबकर काल के गाल में समाए श्रमिकों की मौत उनके साथियों ने अपनी आंखों के सामने देखी। दरअसल, साथी ट्रैक्टर के पीछे-पीछे दो बाइक से चल रहे थे। दर्दनाक मंजर उनकी निगाहों से ओझल नहीं हो रहा है। परिवार वालों के साथ वे भी फूट-फूटकर रो रहे हैं। कोखराज के अंदावां गांव निवासी विजय बाबू पुत्र राम खेलावन ने बांस के 45 पेड़ खरीदने के बाद कटवाए थे। उसमें से 20 बांस सिराथू में बेचने थे। सोचा था कि बाकी बांस खेत में बाड़ी बनाने के लिए किसानों या फिर शटरिंग वालों के हाथ बेच देगा। बांस की खरीदारी सीढ़ी तथा छप्पर बनाने के लिए भी लोग करते हैं। बांस काटने के बाद उसे ट्रैक्टर में लादकर ले जाया जा रहा था। सुरेश कुमार, अर्जुन गौतम, प्रवेश कुमार व वीरेंद्र कुमार ट्रैक्टर पर सवार थे। जबकि, खुद विजय अपने गांव के अन्य श्रमिक स्यामू,...