अमरोहा, जून 17 -- चार बेकसूर महिलाओं की मौत का सबब बनी अतरासी कलां की पटाखा फैक्ट्री यहां बीते सात साल से संचालित थी। पहले फैक्ट्री को आबादी क्षेत्र के भीतर ही संचालित किया जा रहा था। इस बीच बीते साल एक दूसरी फैक्ट्री में हुए धमाके के बाद इसे खेतों की ओर शिफ्ट किया गया था। सोमवार को हुए हादसे के बाद हर जहन में फैक्ट्री संचालन से जुड़े जरूरी मानकों को पूरा किया जा रहा था या नहीं, इसको लेकर सवाल कौंधता रहा। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक संबंधित पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस साल 2018 में जारी किया गया था। दो साल बाद साल 2020 में इसका रिन्युअल किया गया। इसके बाद 2022 में फिर से पांच साल के लिए साला 2027 तक फैक्ट्री का रिन्युअल किया गया। उनके मुताबिक इस दौरान समय-समय पर फैक्ट्री का निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण में वहां मानक का पालन किया जाता मिला...
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