नई दिल्ली, दिसम्बर 8 -- संजय मयूख ,राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख व प्रवक्ता, भाजपा वैश्विक राजनीति इन दिनों तेजी से बदल रही है। पुराने शक्ति-संतुलन खिसक रहे हैं, नई प्रतिस्पर्द्धाएं जन्म ले रही हैं, और वैश्विक गठबंधनों का स्वरूप धुंधला पड़ता जा रहा है। बहुध्रुवीय विश्व की परिकल्पना एक हकीकत बन रही है, हालांकि इस दिशा में अब भी लंबा सफर बाकी है। ऐसे में, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि भारत अपने उन साझेदारों को साथ रखे, जिन्होंने उसकी रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूती दी है। रूस ऐसा ही साझेदार है और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया यात्रा ने इस पुराने भरोसे को नए वैश्विक संदर्भ में स्थापित किया है। जब अमेरिका और चीन के बीच प्रतिद्वंद्विता तीखी हो रही है; रूस पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच अपनी वैश्विक भूमिका को फिर से लिख रहा है और अंतरराष्ट्रीय संस्थान...