कानपुर, फरवरी 21 -- कानपुर। परेड स्थित अंजुमन यतीमखाना के पूर्व महामंत्री डॉ. फिरोज आलम और सदस्य अख्तर हुसैन को विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट शुचि श्रीवास्तव ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। गुलशन मैरिज हॉल के चौकीदार ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी थी। अंजुमन यतीमखाना के गुलशन मैरिज हॉल के चौकीदार चंद्रशेखर ने चमनगंज थाने में 17 जून 2021 को एफआईआर लिखाई थी। बतौर आरोप उसे काफी समय से वेतन नहीं दिया गया। 14 मार्च 2021 को जब तलाक महल निवासी डॉ. फिरोज आलम और अख्तर हुसैन आए तो उनसे वेतन मांगा। इस पर दोनों गुस्सा गए और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मारपीट करने लगे। पत्नी निशा ने उसे बचाया। मुकदमे में दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई। अभियोजन की ओर से पांच गवाह कोर्ट में पेश किए गए। अधिवक्ता कपिलदेव राय सिन्हा व नीरज श्...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.