कुशीनगर, फरवरी 9 -- कुशीनगर, हिटी। मड़ार बिंदवलिया के नौका टोला के छोटी गंडक नदी के तट पर स्तिथ प्राचीन शिव मंदिर भभुति कुटी परिसर में नौ दिवसीय रूद्र महायज्ञ के दूसरे दिन कथा वाचक ने यज्ञ की विशेषता व श्रवण कुमार की कथा से श्रोताओं को रसपान कराया। कथा वाचक पंडित सत्य रामनयन व्यास ने रामचरितमानस की माहिमा में यज्ञ की विशेषता का भी वर्णन किया। देश में विकराल से विकराल संकट आने पर देवी देवताओं ने यज्ञ कराया और संकट से मुक्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस कोई किताब नहीं है यह साक्षात प्रभु श्रीराम का स्वरूप है। रामायण के अयोध्याकांड में इनकी कथा का उल्लेख है। श्रवण अपने प्यासे माता-पिता के पीने के लिए जल किसी जलाशय से लेने गये थे, तभी अयोध्या के राजा दशरथ भी वहां शिकार खेलने पहुंचे थे। दशरथ ने समझा कोई हाथी जल पी रहा है और इसी भ्रम में...
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