रांची, फरवरी 11 -- रांची, विशेष संवाददाता। साईं नाथ विश्वविद्यालय में बुधवार से 'आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली में हर्बल दवाओं की प्रगति' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि, कृषि सचिव अबुबकर सिद्दीकी पी. ने कहा कि हर्बल औषधियां अब केवल वैकल्पिक नहीं, बल्कि आधुनिक चिकित्सा का अभिन्न हिस्सा बन चुकी हैं। कुलपति प्रो. एसपी अग्रवाल ने हर्बल ज्ञान को वैज्ञानिक तकनीक से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। इस सम्मेलन में देश भर के वैज्ञानिक और विशेषज्ञ हर्बल दवाओं की गुणवत्ता, क्लिनिकल ट्रायल और औषधीय पौधों के संरक्षण पर मंथन कर रहे हैं। इसका उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान का वैज्ञानिक सत्यापन करना है।
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