कटिहार, फरवरी 15 -- प्राणपुर, संवाद सूत्र ग्रामीण इलाकों में खुले तालाब और जलस्रोत अब भी छोटे बच्चों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। बभनी गांव की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। गांवों में अधिकांश तालाबों के चारों ओर न तो घेराबंदी है और न ही चेतावनी पट्ट लगाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर बच्चे खेलते-खेलते तालाब की ओर चले जाते हैं। अभिभावकों की जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख तालाबों के चारों ओर घेराबंदी कराई जाए तथा चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटना की पुनरावृत्ति न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों को कभी भी अकेले जलस्रोत के पास नहीं जाने देना चाहिए। गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की भी आवश्यकता है। घटना...