लखनऊ, फरवरी 20 -- सर, फोटो भी है- लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता चिड़ियाघर स्थित राज्य संग्रहालय में संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम के तीसरे दिन शुक्रवार को गुप्त कालीन कला में सांस्कृतिक चेतना विषय पर व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता पूर्व विभागाध्यक्ष प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, लविवि प्रो. शैलेन्द्र नाथ कपूर रहे। इन्होंने गुप्तकालीन कला के विभिन्न आयामों से परिचित करवाया। उन्होंने बताया कि चौथी शताब्दी से छठवीं शताब्दी तक के समय को कला के क्षेत्र का स्वर्ण युग कहा जाता है, जिसे हम गुप्तकाल के नाम से जानते हैं। इस मौके पर पद्मविभूषण से सम्मानित कला इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, कोलांबिया विवि की प्रो. विद्या दहेजिया, डॉ. मीनाक्षी खेमका भी उपस्थित रहीं।

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