रामगढ़, मार्च 21 -- वेस्ट बोकारो, निज प्रतिनिधि। राज्यसभा सांसद खीरु महतो ने झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि ग्राम बसंतपुर, पचंडा और कोतरे की भूमि में सीसीएल ने आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से कोयला खनन करना चाहती है। जिसकी अधिसूचना कोल वेरिंग एक्ट 1957 के तहत 22 दिसंबर 1980 एवं 30 जून 1981 और 12 नवंबर 2020 से जमीन अधिग्रहित की गई है। परियोजना के अधीनस्थ पड़ने वाले रैयती भूमि का मुआवजा भुगतान सीसीएल आज तक नहीं की है। वहीं वन अधिनियम 2006 में यह कहा गया है कि हरिजन, आदिवासी एवं अन्य कब्जेदार को भूमि का पटा देना है। परंतु सरकार ने अभी तक वन भूमि जोतकारी को पट्टा नहीं दिया है। अन्य जातियां जैसे कुर्मी महतो जो पिछड़ी जाति एनेक्सर एक के अंतर्गत आते हैं। जमीन पर तीन पुश्तों से जोत कोड़ कर धान, खेत, मकान आदि बनाक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.