रांची, दिसम्बर 23 -- झारखंड हाईकोर्ट ने एमपी/एमएलए के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ में स्वतः संज्ञान से दर्ज मामले की सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई के पास लंबित 11 मामलों की अद्यतन रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि इन मामलों में ट्रायल की वर्तमान स्थिति क्या है और सुनवाई आगे बढ़ रही है या नहीं। मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है। अदालत ने सीबीआई को मौखिक निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। कोर्ट ने टिप्पणी की, कि ट्रायल में अनावश्यक देरी से न केवल न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि गवाहों प...
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