नई दिल्ली, दिसम्बर 19 -- राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने ग्रामीण रोजगार गारंटी विधेयक (जी राम जी) के पारित होने के दौरान विपक्षी सदस्यों द्वारा किए गए आचरण पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शुक्रवार को कहा कि "व्यवधान संसद सदस्यों की गरिमा के अनुरूप नहीं" है। साथ ही सभापति ने उनसे आत्ममंथन करने तथा भविष्य में ऐसे आचरण से बचने का आग्रह किया। राधाकृष्णन ने शीतकालीन सत्र की 15 दिवसीय बैठकों के दौरान संपन्न विधायी एवं अन्य कार्यों का संक्षिप्त ब्यौरा देने के बाद उच्च सदन की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया। संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर को शुरू हुआ था और इस दौरान उच्च सदन की कुल 15 बैठकें हुईं। सभापति ने कहा, "कल की बैठक के दौरान विपक्षी सदस्यों द्वारा नारेबाजी करने, तख्तियां दिखाने, मंत्री के जवाब में बाधा डालने, कागज फाड़ने...
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