सराईकेला, जनवरी 20 -- खरसावां, संवाददाता। खरसावां प्रखंड अंतर्गत सांडेबुरु के आठमाचिला टुसू मेला हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। मेला में सांडेबुरु के आसपास और दूर-दराज गांवों से लोग पारंपरिक टुसू प्रतिमा लेकर पहुंचे थे। निर्णायक मंडल ने महालीसाई को प्रथम, बुरुडीह को द्वितीय और सांडेबुरु को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया। सभी टुसू प्रतिमाओं को पुरस्कृत किया गया। मौके पर पारंपरिक नृत्य और संगीत कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय कलाकारों ने झारखंडी लोकगीतों और नृत्यों की प्रस्तुति दी। डॉ.जगदीश प्रसाद महतो ने कहा कि टुसू झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान की प्रतीक है। यह पर्व लोक आस्था से जुड़ा है। सामाजिक एकता और परंपराओं को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़ने की आवश्यकत...