सहारनपुर, सितम्बर 30 -- शोभित विश्वविद्यालय के विरासत, यूनिवर्सिटी हेरिटेज रिसर्च सेंटर द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी लोककला सांझी प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। सांझी देवी माता का एक स्वरूप है। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अत्यंत उत्साह और लगन के साथ अपनी सांझी कलाकृतियां प्रस्तुत कीं। इस प्रतियोगिता के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से अनेक उत्कृष्ट सांझी चित्र प्राप्त हुए, जिनमें से श्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक एवं विरासत हेरिटेज रिसर्च सेंटर के कोऑर्डिनेटर राजीव उपाध्याय 'यायावर ने बताया कि सांझी लोककला पश्चिमी उत्तर प्रदेश की एक अत्यंत महत्वपूर्ण लोक कला है, किंतु उपेक्षा और आधुनिकता के कारण यह धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके लोक-तत्वों पर अध्ययन और संरक्षण किया जाना अति आवश्यक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.