नई दिल्ली, सितम्बर 12 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सहारा समूह द्वारा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में जमा कराई गई धनराशि में से 5,000 करोड़ रुपये के नए वितरण की अनुमति दे दी, ताकि सहारा समूह की सहकारी समितियों के निवेशकों की बकाया रकम वापस की जा सके। जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सहारा के निवेशकों को बकाया रकम भुगतान करने के लिए सेबी के समक्ष जमा रकम में से कुछ हिस्सा जारी करने का आदेश देने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के आग्रह को स्वीकार करते अनुमति दे दी। शीर्ष अदालत ने मार्च 2023 के आदेश और शुक्रवार को पारित आदेश के अनुसार निवेशकों को जारी राशि के वितरण की समयावधि बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2026 तक कर दी है। हालांकि, बाद में सेबी की ओर से पेश अधिवक्ता ने पी...
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