अररिया, अप्रैल 15 -- महिषी एक संवाददाता प्रखण्ड के विभिन्न गांवों में मंगलवार को जुड़ शीतल का त्योहार श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस मौके पर घर की बुजुर्ग महिला सदस्य ने अपने से छोटों के सिर पर पानी देकर उन्हें जुड़ाया। परम्परा के अनुसार घर आंगन, ग्रामीण सड़क, धर्मस्थलियों सहित पेड़ पौधों को लोग पानी से पटवन करते देखे गए। गर्मी के दिनों की शुरुआत मानकर आज के दिन तुलसी के पौधों एवं पूर्वजों के श्मशान पर भी छोटे घड़े में छेद कर पानी भरकर टांगने की प्रथा है, जिससे बून्द बून्द पानी गिरता है। कहा जाता है कि विकट गर्मी से तुलसी पेड़ को बचाने तथा पूर्वजों को गर्मी से राहत के लिए ऐसा किया जाता है। इससे पूर्व सोमवार को वैशाखी के दिन लोगों ने घड़ा में जल भरकर दान किया तथा सतुवाइन होने के कारण सत्तू पिया। पुरानी परम्परा के अनुसार जुड़शीतल के दिन लोग कल का बना ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.