नई दिल्ली, जनवरी 13 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि 'ससुर की मौत हो जाने के बाद, जो बहू विधवा हो जाती है, वह हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत उनकी (ससुर) संपत्ति से भरण-पोषण का दावा करने की हकदार है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि अधिनियम की धारा 21(vii) के तहत 'उसके बेटे की कोई भी विधवा' अभिव्यक्ति स्पष्ट है और इसमें सभी विधवा बहुएं शामिल हैं और यह मायने नहीं रखता है कि बेटे (पति) की मौत पिता (ससुर) से पहले हुई हो या बाद में।' जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दाखिल अपील का निपटारा करते हुए यह फैसला दिया है। दरअसल, दिसंबर 2021 में एक व्यक्ति (ससुर) की मौत हो गई। उनकी मौत के बाद मार्च 2023 में उनके एक बेटे की मौत हो गई। इसके बाद...
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