नई दिल्ली, सितम्बर 14 -- कोर्ट ने कहा- महिला ने कानून का दुरुपयोग कर ससुराल पक्ष को बेवजह परेशान किया नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महिला पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा कि उसने कानून का दुरुपयोग कर अपने ससुराल पक्ष को बेवजह परेशान किया है। न्यायमूर्ति अरुण मोंगा की पीठ ने टिप्पणी की कि महिला ने पति की मृत्यु के बाद भी सास-ससुर को बार-बार मुकदमों में उलझाया, जबकि उसने स्वयं दोबारा शादी कर ली है। पीठ ने स्पष्ट कहा कि महिला का आचरण न्याय की तलाश नहीं बल्कि सोची-समझी प्रताड़ना है। बुजुर्ग सास-ससुर को अदालत में घसीटने की उसकी प्रवृत्ति उत्पीड़न, परेशानी और अपमान का कारण बनी। अदालत ने माना कि यह कानून की प्रक्रिया का खुला दुरुपयोग है। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें महिला ...
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