लखनऊ, मई 14 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने निजीकरण के लिए नियुक्त सलाहकार पर कार्रवाई न होने को उपभोक्ताओं के साथ धोखा बताया है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि झूठा शपथ पत्र देने वाली सलाहकार कंपनी पर पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन कार्रवाई नहीं कर रहा और उस पर लगे आरोपों की वजह से ही सलाहकार कंपनी की कोई रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जा रही है। अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की ही देखरेख में कंपनी पर कार्रवाई की फाइल डंप की गई है। यह ऊर्जा विभाग के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला होगा। यह डीएचएफएल से भी बड़ा घोटाला होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब पावर कॉरपोरेशन के इंजीनियर ऑफ कॉन्ट्रैक्ट ने कंपनी को दोषी मान लिया है तो पावर कॉरपोरेशन को कार्रवाई करने में क्या दिक्कत है?
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