संभल, जून 6 -- विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को विकास खंड असमोली के गांव हरथला में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें आलू अनुसंधान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह ने बताया कि आलू की कुफरी, जमुनिया प्रजाति का छिलका और गूदा दोनों ही नीले रंग का होता और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। इसे सलाद के रूप में भी कच्चा खाया जा सकता है और इसका प्रयोग रायता बनाने में भी किया जा सकता है। आलू की कुफरी माणिक और कुफरी नीलकंठ प्रजाति में जिंक और आयरन प्रचुर मात्रा में होता है, जो कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का कार्य करता है। इस मौके पर कृषि उपनिदेशक अरूण कुमार त्रिपाठी, आलू अनुसंधान के मुख्य तकनीकी अधिकारी डॉ. एके चौहान, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. महावीर सिंह, डॉ. ज्योति स्वरूप आदि ने उन्नत सब्जियों के बारे में विस्तार से जानकार...
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