गुड़गांव, जनवरी 9 -- गुरुग्राम। सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर राष्ट्रीय कैंसर संस्थान एम्स के प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी विभाग और स्वास्थ्य विभाग गुरुग्राम की ओर से सर्वाइकल कैंसर जागरूकता, प्रशिक्षण व स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से समुदाय स्तर पर सर्वाइकल कैंसर की समय पर पहचान और रोकथाम को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. ब्रह्मदीप सिंधु ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसे समय रहते जांच और सही जानकारी के जरिए काफी हद तक रोका जा सकता है। अर्ली डिटेक्शन और नियमित स्क्रीनिंग से इससे होने वाली मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। विशेषज्ञों ने बताया कि 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर एक गंभीर लेकिन रो...