नवादा, जनवरी 8 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषि योजनाओं, विशेषकर पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने के लिए शुरू की गई फार्मर रजिस्ट्री यानी किसान निबंधन प्रक्रिया जिले में चुनौतियों के जाल में फंस गई है। नवादा की विभिन्न पंचायतों में लगाए गए पंजीकरण शिविरों की जमीनी हकीकत यह है कि डिजिटल इंडिया का सपना सर्वर डाउन के चक्कर में दब रहा है। जो काम महज पांच मिनट में पूरा होना चाहिए, उसके लिए जिले के अन्नदाता को पूरा दिन शिविरों में भूखे-प्यासे गुजारना पड़ रहा है। प्लॉट नंबर शो नहीं करने पर अलग ही बाधा आ रही है। बॉर्डर एरिया में जमीन वाले किसानों का एफआर हो ही नहीं रहा है। सभी सरल निबंधन प्रक्रिया की मांग उठाते दिख रहे हैं। शिविरों में तकनीकी टीम और किसान दोनों ही लाचार नजर आ रहे ह...
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