रामपुर, जनवरी 4 -- रामपुर। कड़ाके की सर्दी के कारण सब्जियों की फसल को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि शीतलहर के दौरान किसानों को फल-सब्जी व अगेती बुवाई वाली सरसों की फसल में रात के समय सिंचाई करनी चाहिए। यह नमी मिट्टी के तापमान को संतुलित रखती है और पाले के असर को कम करती है। इसके अलावा, किसान खेत में सूखी घास-फूस जलाकर धुआं करें, ताकि तेज बर्फीली हवाओं का सीधा प्रभाव फसलों पर न पड़े। धुएं की मोटी परत खेत के ऊपर एक तरह की सुरक्षात्मक ढाल तैयार कर देती है, जिससे रात के समय तापमान में अचानक गिरावट की तीव्रता कम हो जाती है। यह उपाय कोहरे को कम करता है। जिससे नाजुक फसलें बची रहती हैं।
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