सहारनपुर, दिसम्बर 23 -- कड़ाके की सर्दी से राहत पाने के लिए बहुत से लोग कमरा बंद कर हीटर-वार्मर या अंगीठी में कोयला या फिर लकड़ी जलाकर सोते है। ऐसे में सोते-सोते बहुत से लोगों की जान जा चुकी है। कुरुक्षेत्र में सहारनपुर के पांच लोगों की मौत होना इसका ही एक उदाहरण है। डॉक्टर कलीम अहमद ने बताया कि रूम हीटर या लकड़ी-कोयला जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड समेत कई ऐसी जहरीली गैसें निकलती हैं, जो जीवन के लिए संकट का कारण बन जाती हैं। बंद कमरे में हीटर, ब्लोअर या अंगीठी जलाने से धीरे-धीरे आसपास का तापमान इतना बढ़ जाता है कि वहां की नमी के साथ आक्सीजन की मात्रा बहुत कम हो जाती है और कार्बन मोनोऑक्साइड समेत जहरीली गैसों की मात्रा बढ़ जाती है। इससे शुरुआत में सांस लेने में दिक्कत होती है। ध्यान नहीं देने पर ये गैस सांस के माध्यम से फेफड़ों के द्वारा खून...
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