बरेली, जनवरी 29 -- मुकद्दस माह-ए-रमजान एक बार फिर सर्दियों के मौसम में दस्तक देने जा रहा है। करीब 22 साल बाद रमजान ठंड के मौसम में शुरू होगा। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार 2026 में रमजान का आगाज 19 फरवरी से होने का अनुमान है। उलेमा का कहना है कि चांद दिखने की सूरत में पहला रोजा करीब 12 घंटे 48 मिनट का होगा। दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि इस्लामिक कैलेंडर पर रमजान आधारित होता है। ये कैलेंडर हर माह 29 या 30 दिनों का होता है। ईस्वी कैलेंडर के मुकाबले इसमें हर साल 10 से 12 दिन का अंतर आ जाता है। इसी कारण रमजान हर साल अलग मौसम में आता है और करीब 33 साल में एक मौसमी चक्र पूरा करता है। 2004 के बाद अब फरवरी माह में आएगा रमजान 2004 के बाद पहली बार रमजान सर्दियों में पड़ रहा है। इससे पहले 2005 से 2025 तक रमजान गर्मी और बरसात...