उन्नाव, दिसम्बर 18 -- उन्नाव। पिछले कुछ दिनों से शहर पर घना कोहरा और बढ़ता प्रदूषण लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। गुरुवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 355 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्तर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और हृदय रोगियों के लिए घातक हो सकता है। धौरा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक जय यादव के अनुसार, इस समय हवा की गति मात्र 3-4 किलोमीटर प्रति घंटे है। इतनी धीमी हवा के कारण वातावरण में मौजूद धूलकण और प्रदूषक ऊपर नहीं उठ पाते और जमीन के करीब ही रह जाते हैं। सर्दियों में तापमान कम होने से बनने वाली 'इन्वर्जन लेयर' भी प्रदूषण को जमीन के पास रोकती है, जिससे सुबह और शाम के समय घना कुहासा बन जाता है। गुरुवार को कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर 1072.22 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर,...
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