बदायूं, जनवरी 8 -- बदायूं, संवाददाता। सर्दी का कहर जानलेवा बन चुका है। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक ह्दयघात के शिकार हो रहे हैं, फिर उपचार के अभाव में या फिर जागरूकता के अभाव में ह्दयगति रुकने से मौत हो रही है। सर्दी में ह्दयरोगियों एवं बुजुर्गों को जानलेवा बनकर आया है। अगर पिछले दो से ढाई महीने की बात करेंगे 2500 से ज्यादा लोग जिले में केवल सरकारी अस्पताल में ईसीजी जांच करा चुके हैं। 36 से अधिक मौत हो चुकी हैं। ईसीजी से जांच का आंकड़ों तो जिला अस्पताल में है लेकिन मौत का आंकड़ा किसी स्तर पर नहीं है। शासन को रिपोर्टिंग तक नहीं हो पा रही है। इसका कारण है कि स्वास्थ्य विभाग का आईडीएसपी (एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम) विभाग कार्य नहीं कर पा रहा है। नवंबर महीने से सर्दी की दस्तक हुई है। नवंबर के बाद दिसंबर निकल गया अब जनवरी में कड़ाके की सर्दी ...
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