प्रयागराज, फरवरी 7 -- प्रयागराज। बारा के चिल्ला गोहानी गांव में महज दो साल पहले ही अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया। लाखों रुपये की लागत से निर्माण हुआ। दिन बीतने के साथ तालाब भी सूख गया। न तो इसकी देखरेख हो रही है और न ही कोई ध्यान दे रहा है। यह स्थिति केवल एक जगह की नहीं है। कोरांव, मांडा में कई अमृत सरोवर आज या तो सूख गए हैं या फिर अनदेखी के कारण बदहाली के शिकार हो चुके हैं। गांव में जल संसाधन की आपूर्ति और सौंदर्यीकरण के लिए बनाए गए इन अमृत सरोवरों पर लोग जाने से भी कतरा रहे हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो अमृत सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था। इसके लिए पूर्व सीडीओ गौरव कुमार ने बाकायदा पंचायतों को निर्देश दिया और मनरेगा के तहत काम भी कराया गया। जिले में 800 से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण कराया गया, लेकिन समय के साथ अनदेखी क...