बगहा, अगस्त 8 -- बेतिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। मछुआरों का नाव, जाल छीनने और सभी मुकदमा वापस लेने, ऐतिहासिक सरेया मन में मछुआरों के मछली मारने-छोड़ने के परंपरागत अधिकार बहाल की मांग पर जिला अधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया। भाकपा माले और सरेया मन बचाओ- मछूआरा अधिकार बचाओ संघर्ष समिति के संयुक्त बैनर से शहीद पार्क से जूलूस मुख्य मार्ग से होतें हुए समाहर्ता के समक्ष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुनील कुमार राव ने कहा कि सदियों से मछुआरा समुदाय का नदी - नाला, जल - जंगल जमीन पर परंपरागत अधिकार है। उसी अधिकार के तहत मछली मारकर अपना जीविका चलाते आ रहें है। दुसरा कोई रोजी-रोजगार नहीं है। सरकार ने बैरिया प्रखण्ड अर्न्तगत ऐतिहासिक सरेया मन के अस्तित्व को समाप्त कर पक्षी विहार बनाने के नाम पर मछुआ समुदाय...
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