नई दिल्ली, जनवरी 13 -- ऑनलाइन कारोबार से जुड़ी एक अमानवीय व्यवस्था, यानी दस मिनट में सामान की डिलिवरी की शर्त पर रोक लगाकर केंद्र सरकार ने अत्यंत सराहनीय कदम उठाया है। इस फैसले से सेवा क्षेत्र की कंपनियों व उपभोक्ताओं, दोनों को यह संदेश मिल गया होगा कि सुविधा और शोषण के बीच फर्क होता है। जाहिर है, इस अल्प अवधि के कारण डिलिवरी पार्टनर (गिग वर्कर) पर बहुत ज्यादा दबाव था और उनकी सुरक्षा का जोखिम लगातार बना हुआ था। बीते 31 दिसंबर की रात देश भर के गिग वर्कर्स ने हड़ताल करके सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था और श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने जिस तत्परता से संबंधित कंपनियों के अधिकारियों से बातचीत करके इस समस्या का हल निकाला है, वह अन्य विभागों के लिए भी एक नजीर पेश करता है। गौरतलब है कि ऑनलाइन क्षेत्र बड़ी संख्या में नौजवानों को रोजगार मुहै...
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