उन्नाव, फरवरी 23 -- सोनिक। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सराय कटियान के पास करीब पांच मीटर लंबा डामरीकृत मार्ग पूरी तरह धंस गया। मरम्मत के लिए जब रात में कार्यदाई संस्था के ठेकेदार ने सड़क खोदी तो उसके नीचे करीब आधा दर्जन सीमेंट की बोरियां मिलीं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में मानक की अनदेखी कर काली मिट्टी का इस्तेमाल किया गया, जबकि ठेकेदार ने इसे हटाने की बजाय दूसरी मिट्टी डालकर सड़क को पाट दिया। यह स्पष्ट रूप से लापरवाही है। स्थानीय लोग बताते हैं कि यह केवल एक जगह की समस्या नहीं है। इस प्रकार की गड़बड़ियों की संख्या कितनी है, इसका खुलासा भविष्य में ही संभव होगा। सड़क निर्माण में काली मिट्टी डालना और उसके ऊपर दूसरी मिट्टी भरना निर्माण मानक...