सराईकेला, फरवरी 23 -- सरायकेला, संवाददाता। स्थानीय निवासियों के लिए शहर की सरकार चुनने का सबसे बड़ा पैमाना अब चुनावी वादे नहीं, बल्कि उनके घर के बाहर लगा कचरे का ढेर बन गया है। सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की बदहाली अब सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। सरायकेला के कई वार्डों में ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति दयनीय है। खुले नालों और सड़कों के किनारे जमा कचरा न केवल दुर्गंध फैला रहा है, बल्कि यह डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का केंद्र बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे आवेदन लिख-लिखकर थक चुके हैं, लेकिन गंदगी का अंबार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आगामी 23 फरवरी 2026 को होने वाले मतदान में यह चुनावी मुद्दा बनेगा। शहरी ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन प्लांट 5 साल से अधर में लटका : सरायकेला के ईटा...