जमुई, फरवरी 20 -- जमुई। हिन्दुस्तान प्रतिनिधि मुख्य बधिर दिव्यांग महादलित महिला की मौत मामले में 36 घंटे बाद भी सदर अस्पताल प्रशासन अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सका है। हर बार की तरह इस बार भी मामले की जांच की जा रही है, का जुमला दोहराया जा रहा है। सरस्वती की मौत ने स्वास्थ्य विभाग के सारे दावों की कलई खोल कर रख दी है। या यूं कहें कि जमुई के सदर अस्पताल प्रशासन का अमानवीय चेहरा लोगों के सामने उजागर हो गया है। मुख बधिर सरस्वती देवी और उसके परिजन इलाज के लिए सदर अस्पताल में हर स्वास्थ्य कर्मी के आगे गिड़गिड़ाते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनी। अंततः उसकी मौत हो गई। 10 दिन पहले सरस्वती ने अस्पताल में ही बच्चे को जन्म दिया था। मंगलवार की रात उक्त महिला के सीने में तेज दर्द उठा था। वह तड़प रही थी। परिजन इमरजेंसी वार्ड की तरफ दौड़ते तो डांट ...
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