लखनऊ, जनवरी 24 -- लखनऊ, संवाददाता। निराला नगर के रामकृष्ण मठ में चल रही दो दिवसीय श्री श्री सरस्वती पूजा का समापन शनिवार को हर्षोल्लास एवं धार्मिक रीति रिवाज के साथ हुआ। सुबह पांच बजे शंखनाद, श्री श्री ठाकुर जी की मंगल आरती व देवी सरस्वती की आरती के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण मठ के स्वामी इष्टकृपानंद के नेतृत्व में किया गया। स्वामी मुक्तिनाथानंद ने कहा कि सरस्वती ज्ञान का प्रतीक है। इसका प्रवाह एक नदी की तरह है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.