चंदौली, फरवरी 19 -- शिकारगंज, हिन्दुस्तान संवाद । पर्वतीय एवं पठारी इलाकों में इन दिनों तिलहनी और दलहनी फसलों की भरपूर खेती की जाती है। खासकर सरसों की फसल यहां के किसानों की आय का प्रमुख स्रोत मानी जाती है। इस बार सरसों की फसल पर माहो (एफिड) कीट के बढ़ते प्रकोप से किसान काफी चिंतित और परेशान नजर आ रहे हैं। किसानों के अनुसार माहो कीट पौधों की कोमल टहनियों, पत्तियों और फूलों से रस चूसकर फसल को कमजोर कर रहा है। जिससे उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है। कई खेतों में फसल पीली पड़ती दिखाई दे रही है और दाने बनने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। बोदलपुर गांव के प्रगतिशील किसान कुबेर नाथ यादव ने बताया कि उन्होंने खुले बाजार से कीटनाशक दवाएं खरीदकर छिड़काव किया। कीटों पर अपेक्षित असर नहीं हुआ। इसी तरह जोगिया के बिहारी यादव, अमरा...
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