रांची, फरवरी 13 -- नामकुम, संवाददाता। सरला बिरला विश्वविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित सप्तशक्ति संगम का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्र सेविका समिति की सह-कार्यवाहिका सुनीता हल्देकर ने कहा कि भारत ने विश्व को मानवता का विचार दिया है। उन्होंने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित यह सम्मेलन एक यज्ञ के समान है। समाज में स्त्री की भूमिका की गहरी समझ माताओं, बहनों और बेटियों को होनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि माताएं ही शिवाजी को छत्रपति बनाती हैं और उन्हीं की साधना से स्वामी विवेकानंद और ईश्वरचंद्र विद्यासागर बनते हैं। स्त्री राष्ट्र की आत्मा है। समारोह की अध्यक्षता कर रही पद्मश्री चामी मुर्मू ने पर्यावरण रक्षा को मातृशक्ति की अहम जिम्मेदारी बताया और पौधरोपण पर जोर दिया। मुख्य वक्ता डॉ पूजा न...