रांची, जनवरी 2 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने शुक्रवार को कहा है कि आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा और पहचान को सनातन के साथ जोड़कर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी इनके दशकों पुरानी सरना धर्मकोड की मांग को ठुकरा रहे हैं। हालांकि वे भूल गए है कि आदिवासी समाज की सामाजिक संरचना और जीवन पद्धति की जड़ें इतनी गहरी और मजबूत है कि उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। उन्होंने कहा कि आज आदिवासी समाज यह अच्छी तरह से समझ चुका है कि झारखंड में उनकी आस्थाओं, परंपरा और अस्तित्व का संरक्षण महागठबंधन सरकार ही कर सकती है। लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में भी यह संदेश भाजपा नेताओं को मिल चुका है। राज्य के आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाने के लिए महागठबंधन सरकार कई योजनाएं चला रही हैं। हाल ही में अनुसूचित क्षेत्र में पेसा कानू...