अभिषेक मिश्र, मई 18 -- यूपी के प्रयागराज में देवघाट झलवा की कांशीराम आवास योजना में सरकार ने गरीबों को सिर छिपाने के लिए रियायती दरों पर आवास तो दिया, लेकिन मदद में मिली इस छतको आवंटियों ने कमाई का जरिया बना लिया। यहां ब्लॉक एक से 33 तक के 528 घरों की जांच की गई तो 326 घर ऐसे मिले जहां या तो ताला बंद था या फिर लोगों नेइसे किराए पर उठा दिया था। अब इन घरों को खाली कराया जाएगा। इसमें मूल आवंटियों को बसाया जाएगा या फिर दूसरे गरीबों को इसे नए सिरे से दिया जाएगा। रिपोर्ट में कई आवासों को बेचने की भी बात कही गई है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ की जनसुनवाई में प्रतिदिन ऐसे लोग आते हैं, जिनके पास न तो जमीन है और न ही आवास। उनकी स्थिति को देखकर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर अभिषेक कुमार सिंह को राजस्व टीम के साथ कांशीराम आवास योजना का निरीक्षण कर रिप...
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