फरीदाबाद, दिसम्बर 23 -- नूंह। अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों को स्वरोजगार से जोड़ने तथा उनकी आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से मछली पालन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के अनुसार लाभार्थियों को पट्टे पर तालाब लेकर मछली पालन करने के लिए अनुदान दिया जाता है। मछली पालन के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा बोली के माध्यम से न्यूनतम पांच वर्ष की अवधि के लिए तालाब पट्टे पर दिए जाएंगे। प्रथम वर्ष में वास्तविक पट्टा राशि का 50 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान केवल पंचायत तालाबों एवं सरकारी जलाशयों पर ही मान्य होगा। अनुसूचित जाति के एक मछुआरे के लिए अधिकतम सीमा 4.00 हेक्टेयर निर्धारित की गई है। द्वितीय एवं आगामी वर्षों में वास्तविक पट्टा राशि का 40 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनु...