नई दिल्ली, जनवरी 29 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। आर्थिक सर्वेक्षण में सरकार ने 2033 तक 26,000 किमी हाई स्पीड कॉरिडोर नेटवर्क खड़ा करने का खाका पेश किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार का बजटीय सहायता के साथ-साथ निजी निवेश को आकर्षित करने पर जोर रहेगा। सरकार का मकसद देश की ढुलाई (लॉजिस्टिक) लागत को कम करना है, इसके अलावा सर्वेक्षण में शहरीकरण को नई गति देने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया गया है। सरकार का मूलमंत्र कनेक्टिविटी, निजी निवेश और अत्याधुनिक तकनीक है। आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया है कि केंद्र सरकार माल ढुलाई की गति को वैश्विक मानकों के बराबर लाने के लिए हाई-स्पीड कॉरिडोर नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार कर रही है। 2014 में हाई स्पीड नेटवर्क मात्र 550 किमी था, वह दिसंबर 2025 तक बढ़कर 5364 किमी (लगभग 875 फीसदी) त...